Moral story in Hindi short । वैश्या और पंडित।

नमस्कार दोस्तो।।
आपका स्वागत है हमारे एक और नए पोस्ट Moral story in Hindi short में।


Moral story in Hindi short
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दोस्तो यह कहानी मेरे दादाजी ने बहुत पहले तकरीबन
जब मै 15 - 16 साल का था तब सुनाई थी।और यह कहानी मेरे दिलो - दिमाग में ऐसा बैठा की मुझे यह कहानी आज भी याद है।

आपको इस कहानी से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा इसलिए इस कहानी को पूरे ध्यान से पढ़िएगा।

दोस्तों यह Moral story in Hindi short में
एक वैश्या (जिसे हम अंग्रेजी में hooker कहते है) और पंडित की कहानी है। तो चलिए दोस्तो देखते है क्या कहती है कहानी :-

Moral story in hindi in short

यह कहानी बहुत ही पुरानी है।एक शहर में एक वैश्या और पंडित रहते थे। वैश्या ने अपने पूरे जिंदगी बस पाप ही पाप किया था।और ठीक दूसरी तरफ पंडित जी ने हमेशा पुण्य या अच्छे काम किया था अपने जीवन काल में।लोग वैश्या की गली में जाना तक पसंद नहीं करते थे क्यूंकि वह सोचते थे कि अगर उसकी गली से जाएंगे तो हम सब भी पाप के भागी हो जाएंगे।

कहानी में मोड़ तब आता है जब एक बार पंडित जी को किसी कारणवश वैश्या की गली से गुजर कर जाना होता है, पंडित जी को ना चाहते हुए भी उस गली से जाना पड़ता है।लेकिन जब पण्डित जी गली से गुजर रहे थे तो यह सोचते हुए जा रहे थे कि कहीं मुझे वैश्या ने देख लिया और बुला लिया तो मुझसे बहुत बड़ा पाप हो जाएगा।इसी डर के साथ वह गुजर ही रहे थे कि वैश्या की नजर पण्डित जी पर पड़ी और उसने पंडित जी को रोका और बोला कि पंडित जी को प्रणाम किया और बोला कि पंडित जी आप हम जैसों की गली से गुजर ही रहे है तो मुझे दान देने का मौका दे।लेकिन पंडित जी ने दान लेने से इंकार कर दिया यह कह कर की अगर मै तुमसे दान ले लिया तो मै पाप का भागी हो जाऊंगा।

Short moral story in hindi for class 10

लेकिन वैश्या पंडित जी से जिद करने लगी और बोलने लगी कि महराज आपने अपने पूरे जीवन में कभी पाप नहीं किया है केवल पुण्य ही किया है।अगर आपको मुझसे दान लेने से एक पाप भी हो जाएगा तो कौन सी बड़ी बात है और मैंने जीवन भर पाप किया है तो मै भी अब एक पुण्य कि भागी बनाना चाहती हूं।
उसके अनुरोध करने के कारण अंत में पंडित जी को झुकना पड़ा और दान लेना ही पड़ा।दान लेने के बाद पंडित जी अपने रास्ते और वैश्या अपने रास्ते निकल गई।

समय बीतता गया और पण्डित जी ने दान लिया था और वैश्या ने दान किया था इस बात को दोनों ही भूल चुके थे।

लेकिन किसी कारणवश दोनों की मौत एक ही समय एक ही दिन हो जाती है।और जब दोनों की आत्मा को एक ही साथ यमराज के पास ले जाया गया तो यमराज ने चित्रगुप्त ( जो सभी जीवो के कर्मो का लेखा जोखा रखते है) को बोला कि चित्रगुप्त महराज इन दोनों को लेखा जोखा हमें बताए की दोनों ने कितने पाप और पुण्य किए है।

कुछ समय लेने के बाद चित्रगुप्त ने यमराज से कहा कि महराज पंडित जी ने अपने पूरे जीवन में केवल पुण्य ही किया है बस एक पाप किया था जो की इन्होंने वैश्या के हाथो से दान लिया था।तब यमराज ने चित्रगुप्त से पूछा कि अब बताए वैश्या के बारे में की इसने क्या पुण्य और पाप किया है।तभी चित्रगुप्त महराज ने बताया कि महराज इसने पूरे जीवन काल में केवल पाप किया है और बस एक पुण्य किया है और एक पुण्य यह है कि इसने पंडित जी को दान दिया है।

तब यमराज ने वैश्या से पूछा कि तुम पहले अपना पाप भोगना चाहती हो या पुण्य तो कुछ सोचने के बाद वैश्या ने कहा कि महराज मै पहले पुण्य भोगना चाहती हूं।तो यमराज ने उसे अपने एक पुण्य को भोगने के लिए स्वर्ग में भेज दिया।और जब पण्डित जी की बारी तो पंडित जी बहुत देर तक सोचा की मेरे पाप तो एक ही है तो पहले मै अपने पाप को भोग का आराम से पुण्य भोगुंगा।यह सोचने के बाद उन्होंने यमराज को जवाब दिया की महराज मै पहले अपने पाप को भोगना चाहता हूं।

इसके बाद आप बता सकते है क्या हुआ होगा??
अगर नहीं जानते तो मै बताता हूं।
जब वैश्या ने निर्णय लिया कि उसे पुण्य भोगना है तो उसे स्वर्ग भेज दिया गया और उसने बड़ी चालाकी से स्वर्ग में में जा कर इतने दान - पुण्य कर दिया की उसकी सारी पाप की राशि पुण्य कि राशि में बदल गया और वह हमेशा के लिए स्वर्ग में रह कर अपना पुण्य भोगने लगी।
वहीं दूसरी ओर पंडित जी के निर्णय के बाद जब उन्हें नर्क जाना पड़ा और नर्क में जाने के बाद उनका जन्म एक छिपकली के रूप में हुआ और जन्म के साथ ही उन्होंने कीड़े मकोड़े खाने शुरू कर दिया जो की उनके सारे पुण्य को खत्म करके पाप में बदल दिया गया और वह हमेशा के लिए नर्क में रह गए।

Moral of the story of the Moral story in Hindi short.

1.वैश्या से हम यह सीख सकते है कि अगर सफलता पाने में आपसे गलतियां होती है तो समझदारी और चालाकी से आप अपनी सारी गलतियों को सफलता में बदल सकते हो।

2.पंडित जी से हमें यह सीखने को मिलता है हमारी एक छोटा सा निर्णय हमारी सारी मेहनत पर पानी फेर सकता है।

अगर आपने इसे ध्यान से पढ़ा है तो आप अपने तरफ से Moral story in Hindi short का moral बताइए।


तो कैसा लगा आज का हमारा moral story in Hindi short कॉमेंट करके जरूर बताएं।अगर आपका कोई सुझाव है तो भी आप कॉमेंट करके जरूर बताएं।

                     धन्यवाद्।।❤️



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2 comments

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August 27, 2019 at 9:49 AM ×

Thanku wisdom for your valuable comment.

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